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Showing posts from October, 2016

A dogs love story

                                       A dogs love story.  आप में से कई लोगो ने मेरी प्रजाति को पाला होगा , आप इंसानो की भाषा में हमें कुत्ता कहते हैं ,  पता नहीं ये शब्द इंसान इतने गुस्से और तिरस्कृत भाव से क्यों कहता है , हम तो इंसानो के सबसे अच्छे  दोस्त माने जाते हैं , मेरे पूर्वजो और मेरे साथियो ने कभी भी अपने मालिको को दगा नहीं दिया , हमारी वफ़ादारी की मिसाले दी जाती हैं। ऐसा  मेरी  मां ने मुझे बताया था । आह, कितनी सुन्दर थी मेरी माँ। सफ़ेद, एकदम दूध की तरह, छोटा शरीर ,लेकिन हवा सी फुर्तीली , छोटी तेज चमकती  आँखे , कान जो हमेशा चौकस और चौक्कने रहते थे , कितना प्यार था उसे हमसे। हमें अपना दूध पिला के सर की नीचे दबा लेती थी ,  दूध पी के मोटे ताजे हो चुके हम दोनों  भाई बहन जब इधर उधर लुढकते थे तो उसकी आँखे प्यार से हमें देखा करती थी ,सर्द और डरावनी रातो में हमें अपने पास दुबका के सुला लेती थी । मैं थोड़ा स्वभाव से नटखट...